आज सुबह सुबह नींद खुली . अब सुबह सुबह खुली तो
कुछ ठोस कारण ही होगा. तो कारण था वो गाना जो अभी कुछ ही देर पहले रेडियो पर चल
रहा वो गाना ... ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा तो सुर बने हमारा’. आवाज कानों में
लगातार पड़ रही थी, लेकिन हम बिस्तर से ही चिपके थे और सुबह की 45 मिनट की बेहद जरुरी नींद
लेने की जुगत में थे .तभी अचानक किसी ने रेडियो स्टेशन चेंज किया तो जैसे एक ही पल
में किसी ने युग परिवर्तन कर दिया हो . सीधे 18 वीं सदी से 21वीं सदी में या उससे भी आगे की सदी में पहुँचा
दिया हो . कानों पर लगा रखे तकिये ने भरपूर कोशिश की थी कि मै सो सकूँ , लेकिन
मैंने उसे थोड़ा सा खिसका कर सुनने की कोशिश की . सुनाई पड़ा ..आज बोतलां खुलन
दो...पार्टी आल नाईट ..मेरे मुँह से निकला..अरे वॉल्यूम बढाओ ये कहते हुए मै तेजी
से बिस्तर से उतरकर वॉल्यूम बढाने उठी ..आगे की लाइन्स सुनी ...बजेगा म्यूजिक लाउड
तो आंटी पुलिस बुला लेगी, आंटी पुलिस बुलालेगी फिर भी यूँ ही चलेगी ..इन लाइन्स से
मुझे याद आया कि यो यो हनी सिंह का जितना युवाओं में क्रेज है उतना ही विवादों में
भी इनका नेम है . उनके गाने जहाँ एक ओर डांस फ्लोर पर आने को मजबूर करते है वहीं
कुछ लोग इनसे शिक्षा भी लेते हैं ऐसा भी सुनाने में आता है , ये कुछ हजम नहीं
होती. कभी कभी कुछ विद्वानों की समझ समझ के परे होती है .
संगीत का पुराना गुण
है प्रभाव छोड़ना यह सदियों से लोगों को प्रभावित करता आया है .संगीत ने राष्ट्रीय
आंदोलनों में भी जहाँ एक ओर लोगों को जगाया है वहीँ दूसरी ओर इतिहास के गीतकारों
ने दीपक राग गाकर पानी में आग लगाने का कारनामा भी कर दिखाया है .वहीं आज के हनी
सिंह ने कोकोनट में लस्सी मिलाने , ब्रेकअप पार्टी मनवाने , लुंगी डांस करवाने ओर
युवाओं के खून विच गर्मी लाने जैसे कारनामे कर दिखाया है .वहीँ देश का एक हिस्सा
ये मानता है कि गाने सिर्फ मनोरंजन के लिये है उनसे प्रभावित होने की आवश्यकता
नहीं है .ध्यान देने की बात है कि आज हमरे समाज का अधिकांश हिस्सा अशिक्षित है
..उन्हें ये गाने प्रभावित भी कर सकते हैं लेकिन इसके लिये हनी सिंह को क्यूँ
जिम्मेदार ठहराना ? उसने तो वही सुनाया जो लोग सुनना चाहते थे वही गानों में गाया
जो हमरे समाज में होता आया है . अरे भई ..हनी सिंह भी आपके ही समाज का एक प्राणी
है ,वो कोइ दूसरी दुनिया से नहीं आया है .साहित्य समाज का दर्पण है और हनी सिंह के
गाने भी . हाँ वो अलग बात है कि हमे आईने में हमेशा से सुन्दर ही दिखना होता है .
कितनी ही बार नाईट पार्टीज पोलिस शिकायत के बाद भी चलती रहती हैं .कितने ही सुन्दर
अपशब्द सदियों से हमारी गलियों में गूँजते रहे हैं तब हमने शिकायत नहीं की .वही
बातें, वही शब्द हनी सिंह के गानों में आये तो हमें रेप केसेस का कारण और कितनी ही
परेशानियों की वजह लगने लगे . बेशक हनी सिंह भ्रष्टाचार और महंगाई की बीमारी के
आगे कुछ भी नहीं लेकिन अगर उनके गाने यो यो हनी सिंह के नाम के साथ और डी. जे. की
खूबसूरत साज के साथ .अगर समाज के कुछ शिष्टाचार के साथ भी हो तो और अच्छा होगा .
यो यो हनी सिंह डी.जे. हो या घर रोड हो या क्लब बजता रहेगा.