Monday, 18 July 2016

कम लोग वाकिफ हैं हमसे

ख्वाब लेते हैं सिसकी,
निगाह आंसू बहाती है ।
है बेरहम मुकद्दर और ,
दुनिया आजमाती है ।
बड़े तख्त हैं हासिल  
निगाह ए जहां में  ,
कम लोग वाकिफ हैं हमसे ,
हमें फकीरी भाती है ।
हैं बहुत मशगूल ,
मशहूरियत में हम
ये सब कहने की बातें हैं ।
हमें बेनाम दुनिया की 
बहुत याद आती है ।
बना बैठी है दुनिया 
फलक का सितारा हमको, 
हमको हमारी मिट्टी की 
बहुत याद आती है ।।

7 comments:

  1. हमको हमारी मिट्टी की बहुत याद आती है.... निगाह ए जहां में, कम लोग वाकिफ हैं हमसे.. बहुत ही खूबसूरत पंक्तिया है.... और सच में हमे भी फकीरी ही भाति है

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