आपकी वफ़ा की खुशबू से महकते हैं हम ,
मुस्कुराते है कभी ,तो कभी सिसकते हैं हम !
अल्फाज क्या होंगे बयां करते वफ़ा को हम ,
लफ्ज कम पड़ेंगे तब,जब ये दास्ताँ लिखेंगे हम !!
मुस्कुराते है कभी ,तो कभी सिसकते हैं हम !
अल्फाज क्या होंगे बयां करते वफ़ा को हम ,
लफ्ज कम पड़ेंगे तब,जब ये दास्ताँ लिखेंगे हम !!