खामोशियों की दुनिया से मुझे बुला कर शोर दे गया ।
मेरी आदतो को बदल कर मुझे तन्हा छोड़ गया ।।
ख़्वाबों की दुनिया से हकीकत में बुला कर नए ख्वाब दे गया ।
फिर तोड़के ख़्वाबों को मुझे अधूरा छोड़ गया ।।
हक़ ले गया मुझसे वो मेरे सारे ..और
मुझे हकीकत के इन पतथरों के बीच छोड़ गया।।
मेरी आदतो को बदल कर मुझे तन्हा छोड़ गया ।।
ख़्वाबों की दुनिया से हकीकत में बुला कर नए ख्वाब दे गया ।
फिर तोड़के ख़्वाबों को मुझे अधूरा छोड़ गया ।।
हक़ ले गया मुझसे वो मेरे सारे ..और
मुझे हकीकत के इन पतथरों के बीच छोड़ गया।।
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