ईद मुबारक
इस मुबारक मौके पर खयालात के कुछ सुर अर्ज हैं
नीले आसमान में वो चाँद नजर आया है ,
मनाओ जश्न रोजेदारों अल्लाह का पैगाम आया है ।
अमन का पैगाम मोहब्बत की सदायें लाया है ,
जागो दुनिया वालों वो हमें जगाने आया है ।
मिटा दो नफरतों की बेड़ियाँ देखो ,
आसमान एक है वक्त एक है ,
मना जश्न जिसे देखकर वो चाँद एक है ।
है इनायत जिसकी दर - ब - दर ,
वो खुदा एक है ,
नूर ए फिज़ा एक है ।
इस मुबारक मौके पर खयालात के कुछ सुर अर्ज हैं
नीले आसमान में वो चाँद नजर आया है ,
मनाओ जश्न रोजेदारों अल्लाह का पैगाम आया है ।
अमन का पैगाम मोहब्बत की सदायें लाया है ,
जागो दुनिया वालों वो हमें जगाने आया है ।
मिटा दो नफरतों की बेड़ियाँ देखो ,
आसमान एक है वक्त एक है ,
मना जश्न जिसे देखकर वो चाँद एक है ।
है इनायत जिसकी दर - ब - दर ,
वो खुदा एक है ,
नूर ए फिज़ा एक है ।
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