Tuesday, 14 February 2017

हौसलों के घरोंदे

हजारों किस्से लबों पर आकर रुक से जाते हैं,
दिलों के हाल कभी ख़बरों में नहीं आते !
कई बार टूटते  हैं हौसलों के ये घरोंदे ,
इन्हें हर बार मजबूत आसरे नहीं मिलते !

Wednesday, 1 February 2017

सबक

कभी रौशनी गुम हो सी जाती है ,
कभी आग सी अंदर ,
लग सी जाती है ।
उसूलों की सारी बात,
बेमानी सी लगती है ।
बात ईमान की अक्सर ,
चोट कर ही जाती है ।
बहुत सारे सबक हमने
मसीहों से सीखे थे ।
मगर ठोकर से जो सीखे ,
वो रट सी जाती है ।

पहचान

अग्निपथ पर ठहरा हुआ हो वक्त 
और मुस्कुरा दो तुम .... 
हो रास्ता सुनसान सा 
और शोर हो तुझ में  
अंधकार हो घनघोर सा 
और खुद को बुझा दो तुम
जलने की आरजू हो तुझमें
और अक्स को दफना दो तुम ।
जब पूछता हो हर मंजर 
है क्या पहचान तेरी 
अंधकार से संघर्ष में 
खुद को जला दो तुम ।।