हजारों किस्से लबों पर आकर रुक से जाते हैं,
दिलों के हाल कभी ख़बरों में नहीं आते !
कई बार टूटते हैं हौसलों के ये घरोंदे ,
इन्हें हर बार मजबूत आसरे नहीं मिलते !
दिलों के हाल कभी ख़बरों में नहीं आते !
कई बार टूटते हैं हौसलों के ये घरोंदे ,
इन्हें हर बार मजबूत आसरे नहीं मिलते !
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