ख्वाब लेते हैं सिसकी,
निगाह आंसू बहाती है ।
है बेरहम मुकद्दर और ,
दुनिया आजमाती है ।
बड़े तख्त हैं हासिल
निगाह ए जहां में ,
कम लोग वाकिफ हैं हमसे ,
हमें फकीरी भाती है ।
हैं बहुत मशगूल ,
मशहूरियत में हम
ये सब कहने की बातें हैं ।
हमें बेनाम दुनिया की
बहुत याद आती है ।
बना बैठी है दुनिया
फलक का सितारा हमको,
हमको हमारी मिट्टी की
बहुत याद आती है ।।
निगाह आंसू बहाती है ।
है बेरहम मुकद्दर और ,
दुनिया आजमाती है ।
बड़े तख्त हैं हासिल
निगाह ए जहां में ,
कम लोग वाकिफ हैं हमसे ,
हमें फकीरी भाती है ।
हैं बहुत मशगूल ,
मशहूरियत में हम
ये सब कहने की बातें हैं ।
हमें बेनाम दुनिया की
बहुत याद आती है ।
बना बैठी है दुनिया
फलक का सितारा हमको,
हमको हमारी मिट्टी की
बहुत याद आती है ।।
awwsome
ReplyDeleteawwsome
ReplyDeleteThank you alot Umesh ji .
ReplyDeleteThank you alot Umesh ji .
ReplyDeleteहमको हमारी मिट्टी की बहुत याद आती है.... निगाह ए जहां में, कम लोग वाकिफ हैं हमसे.. बहुत ही खूबसूरत पंक्तिया है.... और सच में हमे भी फकीरी ही भाति है
ReplyDeleteShukriya shivashish ji :)
ReplyDeleteShukriya shivashish ji :)
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