दोस्तों
कैसे हैं आप? नव वर्ष की नई उमंग तो अभी होगी ही न और सर्दी में हौसलों की
धूप भी खिलाये रहियेगा । सर्दियों के दिनों की ठंडी सी सुबह में हम देर
तक कंबलों में घुसकर सपनों की दुनिया में खोये रहते हैं । उस वक्त भी कुछ
लोग हमारे और आपकी बेहतर सुबह की बेहतर ज़िंदगी की तैयारी में लगे रहते हैं
। आप उठते हैं और तुरंत आपका प्यार आपके साथ हो लेता है अरे वही जो अगर
सुबह जगते ही न दिखे तो दिल जोर जोर से धड़कने लगता है ; आपका अपना स्मार्ट
फोन । सारे नोटिफिकेशन और मैसेजेस चैक करके हम अपनी ज़िंदगी की भाग दौड़
में लग जाते हैं ।हमारी ज़िंदगी ,हमारा काम , हमारी सैलरी और हमारा आराम
इन्हीं के बीच सुलझती उलझती है ये ज़िंदगी और चलती रहती है । सब कुछ याद
रहता है हमें लेकिन भूल जाते हैं वो लोग जो बिना कुछ बोले लगातार हमारे लिए
काम करते हैं । हर सुबह आपकी चाय से पहले अखबार को पहुँचाने वाले अंकल ,
घर के बाहर हमेशा मुस्तैद रहने वाले गार्ड भैया , आपके फैमिली जैसे बगल की
दुकान वाले फूफाजी का हाल कितने दिन से नहीं पूछा आपने ? ज़िंदगी की तेज
रफ्तार के गियर को थोड़ा नीचे करके , पकड़ लीजिए इन अनमोल लोगों के रिश्तों
की नाजुक होती डोर को टूटने से पहले। फिर देखिएगा कैसे आपकी बोरिंग सी
होने वाली सुबह शाम कितनी खूबसूरत हो जायेगी । तब आप सोशल मीडिया पर सड़ा
सा मूड होते हुए भी स्माइल वाला रिएक्शन नहीं दे रहे होंगे बल्कि चंद
जिंदादिल लोगों की ज़िंदगी के किस्सों को सुनकर ठहाके मार रहे होंगे । इस
नये साल में ज़िंदगी को यह नया वाला फ्लेवर देकर देखिएगा और फिर बताइयेगा
अपना अनुभव ।
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