Monday, 30 January 2017

ज़िंदगी को दें नया वाला फ्लेवर



दोस्तों कैसे हैं आप? नव वर्ष की नई उमंग तो अभी होगी ही न और सर्दी में हौसलों की धूप भी खिलाये रहियेगा । सर्दियों के दिनों  की ठंडी सी सुबह में हम  देर तक कंबलों में घुसकर सपनों की दुनिया में खोये रहते हैं । उस वक्त भी कुछ लोग हमारे और आपकी बेहतर सुबह की बेहतर ज़िंदगी की तैयारी में लगे रहते हैं । आप उठते हैं और तुरंत आपका प्यार आपके साथ हो लेता है अरे वही जो अगर सुबह जगते ही न दिखे तो दिल जोर जोर से धड़कने लगता है ; आपका अपना स्मार्ट फोन । सारे नोटिफिकेशन और मैसेजेस चैक करके हम अपनी ज़िंदगी की भाग दौड़ में लग जाते हैं ।हमारी ज़िंदगी ,हमारा काम , हमारी सैलरी और हमारा आराम इन्हीं के बीच सुलझती उलझती है ये ज़िंदगी और चलती रहती है । सब कुछ याद रहता है हमें लेकिन भूल जाते हैं वो लोग जो बिना कुछ बोले लगातार हमारे लिए काम करते हैं । हर सुबह आपकी चाय से पहले अखबार को पहुँचाने वाले अंकल ,  घर के बाहर हमेशा मुस्तैद रहने वाले गार्ड भैया , आपके फैमिली जैसे बगल की दुकान वाले फूफाजी का हाल कितने दिन से नहीं पूछा आपने ? ज़िंदगी की तेज रफ्तार के गियर को थोड़ा नीचे करके , पकड़ लीजिए इन अनमोल लोगों के रिश्तों की नाजुक होती डोर को टूटने से पहले। फिर देखिएगा कैसे आपकी बोरिंग सी होने वाली  सुबह शाम कितनी खूबसूरत हो जायेगी । तब आप सोशल मीडिया पर सड़ा सा मूड होते हुए भी स्माइल वाला रिएक्शन नहीं दे रहे होंगे बल्कि चंद जिंदादिल लोगों की ज़िंदगी के किस्सों को सुनकर ठहाके मार रहे होंगे । इस नये साल में ज़िंदगी को यह नया वाला फ्लेवर देकर देखिएगा और फिर बताइयेगा अपना अनुभव ।

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